सिलिकॉन वैली में जाति: 30 जून, 2020 को कैलिफ़ोर्निया के निष्पक्ष रोजगार और आवास विभाग (DFEH) ने टेक दिग्गज सिस्को, साथ ही सिस्को के दो पूर्व प्रबंधकों के विरुद्ध एक दलित इंजीनियर के साथ कथित भेदभाव, उत्पीड़न और प्रतिशोध के लिए मुकदमा दायर किया (DFEH प्रेस विज्ञप्ति)।
DFEH के दावे भेदभाव के आरोपों का प्रतिनिधित्व करते हैं, और सिस्को ने कहा है कि वह इन आरोपों के विरुद्ध कानूनी रूप से अपना बचाव करेगा (अल जज़ीरा, रॉयटर्स)। 28 अक्टूबर, 2026 तक, इस मामले में कोई अंतिम निर्णय या समझौता नहीं हुआ है।
इक्वैलिटी लैब्स की 2018 की रिपोर्ट में कहा गया है कि उनकी रिपोर्ट में शामिल 67% दलित उत्तरदाताओं ने बताया कि उन्हें कार्यस्थल पर असमानताओं और अन्याय का सामना करना पड़ा था (दलित प्रोजेक्ट)। कार्नेगी की 2024 की रिपोर्ट में, भारतीय-अमेरिकी उत्तरदाताओं में से 7% ने बताया कि वे जाति-आधारित भेदभाव के शिकार हुए थे (कार्नेगी)। ये दोनों रिपोर्ट दो अलग-अलग समूहों का सारांश और विस्तार प्रस्तुत करती हैं। यह लेख ऊपर उल्लिखित दोनों रिपोर्टों का विश्लेषण और व्याख्या करता है।
कैलिफ़ोर्निया बनाम सिस्को: वर्तमान स्थिति
मुकदमे का ब्योरा
निष्पक्ष रोजगार और आवास विभाग (DFEH) के भेदभाव और प्रतिशोध अनुभाग ने 30 जून, 2020 को कैलिफ़ोर्निया के उत्तरी ज़िले के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के ज़िला न्यायालय में सिस्को और उसके दो प्रबंधकों के विरुद्ध मुकदमा दायर किया (DFEH प्रेस विज्ञप्ति)। शिकायत के अनुसार, सिस्को ने 2015 से अपने सैन जोज़े मुख्यालय में एक दलित (अनुसूचित जाति) इंजीनियर को नियुक्त किया था, जिसका नाम गोपनीय रखा गया है। 2015 से 2016 तक वह सिस्को में प्रधान इंजीनियर था।
शिकायत के अनुसार, नवंबर 2016 में इंजीनियर ने मानव संसाधन विभाग को बताया कि सिस्को के कर्मचारी सुंदर अय्यर ने उसका मामला अन्य कर्मचारियों के सामने उजागर किया और परिणामस्वरूप, इंजीनियर को प्रतिशोध का सामना करना पड़ा। शिकायत में यह भी कहा गया है कि सिस्को ने यह निर्धारित करने के लिए अय्यर के आरोपों की जांच की कि क्या जातिगत भेदभाव हुआ था, और अंततः निष्कर्ष निकाला कि ऐसा भेदभाव गैरकानूनी नहीं है (अल जज़ीरा, रॉयटर्स)।
एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, शिकायत में इंजीनियर को पदोन्नति और प्रशिक्षण के अवसरों से वंचित करने तथा उसके गैर-दलित सहकर्मियों की तुलना में उसे कम वेतन देने से संबंधित आरोप भी शामिल थे (अल जज़ीरा, रॉयटर्स; एनबीसी न्यूज़)।
कानूनी तर्क और इनकार
अमेरिकी कानून धर्म के आधार पर लोगों के साथ भेदभाव करने पर रोक लगाते हैं। हालांकि, निष्पक्ष रोजगार और आवास विभाग का तर्क है कि हिंदू जाति व्यवस्था, धर्म के साथ, संरक्षित वर्ग के अंतर्गत आती है (अल जज़ीरा, रॉयटर्स)। सिस्को ने कहा है कि वह इस मामले में अपना बचाव करेगा। अय्यर ने भी आरोपों से इनकार किया। द असम न्यूज़ और द प्रिंट के अनुसार, अय्यर ने कहा कि उसने स्वयं उस कर्मचारी को नियुक्त किया था और वह उसकी जाति से परिचित था (अल जज़ीरा, रॉयटर्स)। अमेरिका के बारे में: अमेरिका का कानूनी हाल, अमेरिकी राज्यों के बिल।
2023 से 2026 तक
CRD ने अपने वकील रॉबर्ट जे. कोबली (RK) के माध्यम से 10 अप्रैल, 2023 को दोनों इंजीनियरों के विरुद्ध दायर मामला स्वेच्छा से वापस ले लिया। हालांकि, जैसा कि NBC और एसोसिएटेड प्रेस ने रिपोर्ट किया, वकील ने सिस्को के विरुद्ध कार्रवाई जारी रखी। HAF की सुहाग शुक्ला ने मीडिया से कहा कि कार्यकर्ता इस बात की सराहना करते हैं कि राज्य लोगों पर उनके धर्म, जातीयता या जाति के आधार पर मुकदमा नहीं चलाता। इक्वैलिटी लैब्स की थेनमोज़ी सुंदरराजन ने कहा कि मामला वापस लेने से कुछ नहीं बदला।
जुलाई 2025 में, एक संघीय न्यायाधीश ने फैसला सुनाया कि HAF के वादियों को CRD पर मुकदमा करने का अधिकार नहीं था और मामला खारिज कर दिया। उस समय, सिस्को के विरुद्ध CRD का मामला अभी भी चल रहा था (Asam News)। अप्रैल 2026 में, HAF ने CRD के विरुद्ध अपना मामला फिर से बहाल कराने के प्रयास में नाइंथ सर्किट में एक संक्षिप्त विवरण दायर किया (Telangana Today)। BAPS मामला HAF का वर्तमान केंद्रित क्षेत्र है।
Equality Labs: इक्वैलिटी लैब्स की रिपोर्ट और सर्वेक्षण पर विवाद
कैलिफ़ोर्निया के ओकलैंड में स्थित इक्वैलिटी लैब्स ने 2018 में “अमेरिका में जाति” पर अपना सर्वेक्षण और रिपोर्ट जारी की। सर्वेक्षण में 1,534 उत्तरदाताओं ने भाग लिया; इक्वैलिटी लैब्स ने कहा कि इनमें से 1,200 उत्तरदाताओं की प्रतिक्रियाएं उपयोग योग्य थीं। सर्वेक्षण में बताया गया कि 67% दलितों ने कार्यस्थल पर भेदभाव का अनुभव किया; निम्न जातियों में सबसे निचली जाति माने जाने वाले शूद्रों ने कार्यस्थल पर 12% भेदभाव का अनुभव किया। ब्राह्मणों, क्षत्रियों और वैश्यों ने कार्यस्थल पर 0-1% भेदभाव की सूचना दी (दलित प्रोजेक्ट)।
41% दलितों का मानना था कि उन्हें शिक्षा प्रणाली में भेदभाव का सामना करना पड़ा, और सर्वेक्षण में शामिल 25-27% दलितों ने बताया कि उन पर शारीरिक हमला किया गया था (जस्टिस फॉर ऑल, द डॉसियर और विकिपीडिया)। काजल मैगज़ीन ने भी बताया कि 25% उत्तरदाताओं ने शारीरिक हमलों की सूचना दी।
सर्वेक्षण की आलोचना
इसकी कुछ आलोचना भी हुई है। अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए कार्नेगी एंडोमेंट ने “स्नोबॉल सैंपलिंग” के उपयोग को लेकर सर्वेक्षण की कड़ी आलोचना की, जिससे निष्कर्षों के प्रतिनिधित्व और सामान्यीकरण पर सवाल उठे (द डॉसियर; विकिपीडिया)। रिपोर्ट ने स्वीकार किया कि अधिकांश प्रतिक्रियाएं दलितों द्वारा प्रस्तुत की गई थीं (द डॉसियर)।
द वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार, सिस्को मामले के तीन सप्ताह के भीतर, इक्वैलिटी लैब्स ने टेक उद्योग से भेदभाव की 260 शिकायतों का दस्तावेजीकरण किया। इस मामले में इक्वैलिटी लैब्स ने शिकायतों का दस्तावेजीकरण किया, मुकदमों का नहीं। इक्वैलिटी लैब्स की स्थापना थेनमोज़ी सुंदरराजन ने की थी।
कार्नेगी का सर्वेक्षण
हालांकि, कार्नेगी का सर्वेक्षण अलग-अलग तरीकों का उपयोग करता है और अलग-अलग परिणाम प्रस्तुत करता है। उन्होंने प्रतिनिधि नमूने का उपयोग करके भेदभाव का आकलन करने के लिए 18 सितंबर से 15 अक्टूबर, 2024 तक 1,206 भारतीय-अमेरिकी वयस्कों का सर्वेक्षण किया (कार्नेगी; द डॉसियर)। भारतीय-अमेरिकियों में से सतहत्तर प्रतिशत ने जाति-विरोधी कानूनों और विधानों का समर्थन किया, 11 प्रतिशत ऐसे कानूनों और विधानों के विरोध में थे, और 12 प्रतिशत तटस्थ थे (कार्नेगी)।
इक्वैलिटी लैब्स और कार्नेगी ने अलग-अलग पद्धतियों और प्रश्नावलियों का उपयोग किया। इक्वैलिटी लैब्स ने दलितों और अन्य कर्मचारियों से उनके कार्यस्थल पर व्यवहार के बारे में सर्वेक्षण किया। इसके विपरीत, कार्नेगी ने सभी भारतीय-अमेरिकियों से काम और जीवन में जाति-आधारित भेदभाव के बारे में सर्वेक्षण किया।
गूगल में जाति भेदभाव: 2022 का गूगल जाति विवाद
इस वर्ष अप्रैल में, दलित इतिहास माह के तहत गूगल के समाचार कर्मचारियों को थेनमोज़ी सुंदरराजन द्वारा दिया जाने वाला निर्धारित भाषण अचानक रद्द कर दिया गया (तेलंगाना टुडे; NBC न्यूज़)। सुंदरराजन को आमंत्रित करने वाली गूगल न्यूज़ की वरिष्ठ प्रबंधक तनुजा गुप्ता ने इस्तीफा दे दिया (द प्रिंट; तेलंगाना टुडे)।
द वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार, कुछ कर्मचारियों ने सुंदरराजन को “हिंदू-विरोधी” कहा था, और निर्धारित भाषण से दो दिन पहले, वक्ता की पहले से “आलोचना करने वाले” सात कर्मचारियों ने नेतृत्व को पत्र लिखा (द प्रिंट, द वॉशिंगटन पोस्ट)। गूगल के एक प्रवक्ता ने कहा कि प्रस्तावित भाषण कर्मचारियों के बीच “विभाजन और शत्रुता” पैदा करेगा (हिंदुस्तान टाइम्स, द वॉशिंगटन पोस्ट)। गुप्ता के पत्र के अनुसार, उनके प्रभाग के इंजीनियरिंग उपाध्यक्ष ने अंतिम निर्णय लिया था (द फ्री प्रेस जर्नल)।
NBC न्यूज़ के अनुसार, गुप्ता के इस्तीफे का कई हिंदू कर्मचारियों ने समर्थन किया, जिन्हें यह भी लगा कि गूगल ने नस्लीय भेदभाव के बजाय धार्मिक भेदभाव पर ध्यान केंद्रित किया (NBC न्यूज़)। कर्मचारियों के बीच विभाजन के बावजूद सुंदरराजन अपना भाषण आयोजित करने में सक्षम रहीं (NBC न्यूज़)। अन्य संबंधित विषय: कृत्रिम बुद्धिमत्ता में पक्षपात।
टेक कंपनियों में जाति: तकनीकी क्षेत्र में जातिगत भेदभाव
नीतियाँ और “बिग टेक” बहस
NBC न्यूज़ (2022) ने बताया कि Dell, Apple और Amazon जैसी कंपनियों की कर्मचारी पुस्तिकाएँ और मार्गदर्शिकाएँ कर्मचारियों को जाति और जातिगत भेदभाव से संबंधित शब्दों के बारे में निर्देश देती हैं। इसके अलावा, Telangana Today (2022) के अनुसार, Microsoft, Salesforce, Airbnb, Netflix और Adobe जैसी कंपनियों के अन्य कर्मचारी कार्यस्थल में जाति पर सार्वजनिक रूप से चर्चा कर रहे हैं।
हाल के समय में, “बिग टेक” शब्द का उपयोग उन कंपनियों का वर्णन करने के लिए किया गया है जिन पर जाति के आधार पर कर्मचारियों द्वारा किए गए भेदभाव का समाधान करने में विफल रहने के लिए मुकदमे किए गए हैं। उदाहरण के लिए, Equality Labs सहित कुछ advocacy groups ने माँग की है कि बड़ी तकनीकी कंपनियाँ अपनी रोजगार नीतियों में जाति को एक संरक्षित वर्ग के रूप में शामिल करने के लिए संशोधन करें।
हालाँकि, Hindus against Defamation (Hindu) और Coalition of Hindus of North America (CoHNA) सहित अन्य advocacy groups ने चिंता व्यक्त की है कि जातिगत भेदभाव-विरोधी कानून हिंदू और भारतीय प्रवासी समुदाय के कर्मचारियों के लिए एक अप्रिय कार्य वातावरण पैदा करेंगे। Google के कर्मचारी मंचों पर, कुछ कर्मचारियों के बारे में बताया गया है कि वे जातिगत भेदभाव से कर्मचारियों की रक्षा करने वाली नीतियों को निम्न जातियों के सदस्यों को विशेष सुविधाएँ प्रदान करने वाला मानते हैं, जिससे “उलटे भेदभाव” का वातावरण बनता है (Telangana Today, 2022)। कानून और धर्म से संबंधित मुद्दे: कानून और धर्म से संबंधित मुद्दे।
विश्वविद्यालय और शहर
अन्यत्र: अन्यत्र।
2022 में, California State University और Brown University ने जातिगत भेदभाव से सुरक्षा शामिल करने वाली नीतियाँ अपनाईं। उसी वर्ष, Seattle शहर ने जातिगत भेदभाव-विरोधी कानून पारित किया। California Legislature ने भी ऐसा ही एक कानून पारित किया, लेकिन बाद में राज्यपाल ने उस पर वीटो कर दिया (Carnegie, 2022)। विश्वविद्यालय परिसरों में: विश्वविद्यालय परिसरों में।
अदालती दस्तावेज़ों का हिंदी सार
अदालती दस्तावेज़, प्रेस विज्ञप्तियाँ और सर्वे अंग्रेज़ी में हैं, और केस के हर मोड़ को स्रोत के साथ Hindi में रखने वाली सामग्री कम मिलती है। Ambedkarite Educational Program (AEP) blogging, website बनाना, email marketing, AI tools और Google AI सिखाता है, ताकि चल रहे मामलों की ऐसी जानकारी अपनी साइट पर स्रोत के साथ रखी जा सके। इसकी फीस एक बार की ₹297 है और access lifetime मिलता है। Free शुरुआत के लिए Movement से जुड़ सकते हो।
अमेरिका में भारतीय इंजीनियर और जाति
Carnegie के अनुसार अमेरिका में 52 लाख से ज़्यादा भारतीय-अमेरिकी हैं, और सिलिकॉन वैली में सूचना-प्रौद्योगिकी में भारतीय मूल के कर्मचारियों की बड़ी संख्या है (Carnegie)। Carnegie का कहना है कि सिलिकॉन वैली के कई चर्चित मामलों ने जाति को अमेरिका की सार्वजनिक बहस में पहले कभी न दिखी जगह दी (Carnegie)। 2024 के सर्वे में 32% ने कहा कि वे किसी जाति से जुड़े नहीं हैं, 46% ने खुद को सामान्य या ऊँची जाति का बताया, 5% ने OBC, 2% ने अनुसूचित जाति (दलित) और 1% ने अनुसूचित जनजाति या आदिवासी। 14% को अपनी जाति पता नहीं थी (Carnegie)। Cisco के केस में इंजीनियर की टीम के सभी सदस्य भारत से अमेरिका आए थे (AP, NBC News)। पहचान और काम पर: कार्यस्थल के आँकड़े और कानून।
अदालती दस्तावेज़, प्रेस विज्ञप्तियाँ और सर्वे अंग्रेज़ी में हैं, और केस के हर मोड़ को स्रोत के साथ Hindi में रखने वाली सामग्री कम मिलती है। Ambedkarite Educational Program (AEP) blogging, website बनाना, email marketing, AI tools और Google AI सिखाता है, ताकि चल रहे मामलों की ऐसी जानकारी अपनी साइट पर स्रोत के साथ रखी जा सके। इसकी फीस एक बार की ₹297 है और access lifetime मिलता है। Free शुरुआत के लिए Movement से जुड़ सकते हो।
निष्कर्ष
सिलिकॉन वैली में जाति का सवाल 2020 में Cisco के मुकदमे से सामने आया। CRD का केस Cisco पर अभी जारी है (जुलाई 2025 तक की खबर), दोनों इंजीनियरों पर केस 2023 में वापस लिया गया, और HAF का अपना मुकदमा खारिज होकर अब अपील में है। हमें 28 अक्टूबर 2026 तक अंतिम फैसला नहीं मिला। आँकड़ों में Equality Labs का 67% और Carnegie का 7% अलग आबादी और तरीकों के हैं। Google की 2022 की घटना पर दोनों पक्ष अलग बात कहते हैं। इस पर विवाद जारी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सिलिकॉन वैली में जाति का क्या मामला है?
30 जून 2020 को कैलिफोर्निया के नागरिक अधिकार विभाग ने Cisco और दो मैनेजरों पर एक दलित इंजीनियर के साथ भेदभाव और बदले की कार्रवाई का मुकदमा किया। ये आरोप हैं, जिन पर Cisco अपना बचाव करता है (DFEH प्रेस विज्ञप्ति; Al Jazeera)।
कैलिफोर्निया बनाम Cisco केस की स्थिति क्या है?
दोनों इंजीनियरों के खिलाफ केस अप्रैल 2023 में वापस हुआ। Cisco के खिलाफ केस जुलाई 2025 में जारी था। अंतिम फैसला हमें नहीं मिला (NBC News; Asam News)।
Equality Labs की रिपोर्ट क्या कहती है?
2018 की रिपोर्ट के अनुसार 67% दलित उत्तरदाताओं ने काम पर अनुचित व्यवहार की बात कही। ये बिना प्रतिनिधि नमूने का सर्वे था (Dalit Project; The Dossier)।
गूगल में जाति भेदभाव का विवाद क्या था?
अप्रैल 2022 में Google News में Thenmozhi Soundararajan का भाषण रद्द हुआ, और बुलाने वाली मैनेजर ने इस्तीफा दिया। Google कहता है कि भाषण “विभाजन” पैदा कर रहा था (ThePrint; Hindustan Times)।
क्या अमेरिका में जाति के आधार पर भेदभाव गैरकानूनी है?
अमेरिकी कानून जाति पर अलग से रोक नहीं लगाता (Al Jazeera, 2020)। कैलिफोर्निया का जाति-विरोधी बिल 2023 में पास होकर वीटो हुआ (Carnegie)।
SOURCES
- DFEH/CRD, प्रेस विज्ञप्ति (30 जून 2020): https://calcivilrights.ca.gov/?p=512445
- Al Jazeera (Reuters): https://www.aljazeera.com/ajimpact/california-sues-cisco-harassing-dalit-indian-american-worker-200701103129244.html
- NBC News (AP): https://www.nbcnews.com/news/asian-america/calif-scraps-caste-bias-case-cisco-engineers-company-still-sued-rcna79434
- Courthouse News (AP): https://www.courthousenews.com/cisco-still-faces-caste-bias-suit-engineers-case-dismissed/
- CBS News (AP): https://www.cbsnews.com/sanfrancisco/news/cisco-still-faces-caste-bias-suit-dalit-engineers-case-dismissed/
- Scroll: https://scroll.in/latest/1047176/california-caste-discrimination-case-against-two-indian-american-cisco-engineers-dismissed
- Asam News (30 जुलाई 2025): https://asamnews.com/2025/07/30/hindu-american-foundation-lawsuit-against-california-civil-rights-department-dismissed/
- Telangana Today (9 अप्रैल 2026): https://telanganatoday.com/hindu-american-foundation-challenges-california-caste-discrimination-approach-in-us-court
- Carnegie, 2024 Indian American Attitudes Survey: https://carnegieendowment.org/russia-eurasia/research/2025/07/indian-americans-social-survey-data
- The Dalit Project: http://www.dalitproject.org/tech/the-invisible-hierarchy-tech-team/
- The Dossier: https://thedossiermag.substack.com/p/caste-question-harvard-iit
- Kajal Magazine: https://www.kajalmag.com/caste-discrimination-in-the-united-states/
- Justice For All: https://www.justiceforall.org/campaigns/saveindia/from-india-to-america-how-caste-discrimination-followed-the-diaspora/
- Wikipedia, Persecution of Dalits: https://en.wikipedia.org/wiki/Persecution_of_Dalits
- ThePrint (Google): https://theprint.in/world/google-accused-of-ignoring-caste-bias-as-dalit-activists-talk-cancelled-company-denies-charge/982404/
- Hindustan Times (Washington Post का सार): https://www.pressreader.com/india/hindustan-times-jalandhar/20220603/282007561028611
- Free Press Journal: https://www.freepressjournal.in/world/fpj-exclusive-caste-discrimination-has-no-place-in-our-workplace-says-google-after-dalit-rights-activists-talk-cancelled
- NBC News (जून 2022): https://www.nbcnews.com/news/asian-america/big-techs-big-problem-also-best-kept-secret-caste-discrimination-rcna33692
- Telangana Today (Google): https://telanganatoday.com/google-cancelled-dalit-activists-talk-on-caste-after-pressure-from-employees
