वतनदार महार: बलुता पद्धति सम्मान थी या गुलामी?
सम्मान और गुलामी एक ही गाँव में साथ-साथ रह सकते हैं, और वतनदार महार की कहानी यही दिखाती है 👇 बलुता पद्धति में महारों को अनाज, हक़ और ज़मीन मिलती थी, और वतन उन्हें एक सरकारी-सा पद देता था। “ये सम्मान का काम था” वाली बात गढ़ी हुई नहीं है। फिर भी वो पद सँभालने … Continue reading वतनदार महार: बलुता पद्धति सम्मान थी या गुलामी?
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