मनुस्मृति दहन दिवस: बाबासाहेब ने 1927 में इसे क्यों जलाया?
हर साल 25 दिसंबर को मनुस्मृति दहन दिवस लौटता है, और साथ में एक दावा भी: कि ये जलाना औपनिवेशिक साज़िश थी। चल, रिकॉर्ड से जाँचते हैं 👇 मनुस्मृति दहन दिवस (Latin में “manusmriti dahan din”) 1927 की उस घटना की याद है जब महाड़ के एक सम्मेलन में मनुस्मृति की एक प्रति जलाई गई … Continue reading मनुस्मृति दहन दिवस: बाबासाहेब ने 1927 में इसे क्यों जलाया?
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